अजा एकादशी
हिन्दू धर्म में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और इसे सभी पापों का नाश करने वाला माना गया है। धार्मिक महत्वपापों से मुक्ति: मान्यता है कि अजा एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के पिछले जन्मों के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।अश्वमेघ यज्ञ का फल: धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस व्रत को पूरी श्रद्धा से करने पर अश्वमेघ यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।मोक्ष की प्राप्ति: इस व्रत के प्रभाव से मृत्यु के बाद भक्त को विष्णुलोक (बैकुंठ धाम) की प्राप्ति होती है।राजा हरिश्चंद्र की कथा: पौराणिक कथा के अनुसार, सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र ने संकट के दिनों में महर्षि गौतम के कहने पर अजा एकादशी का व्रत किया था। इस व्रत के प्रभाव से उनके सारे कष्ट दूर हुए और उनका खोया हुआ राज्य तथा परिवार वापस मिल गया।