मानव को प्रत्येक श्वास लेने पर हरि नाम लेना चाहिए।
पवहारी बाबा के वचन
साधना, उपासना, विश्वास और सेवा का मार्गदर्शन
उपासना छोड़नी नहीं चाहिए। आराध्य और आराधक का सम्बन्ध उच्च है।
योग ही संसार में एक वस्तु है।
जिस प्रकार सूर्य अपना प्रकाश सभी को दान देता है, उसी प्रकार मनुष्य को भी धर्म दान करना चाहिए।
संसार साधन का एक स्थान है।
साधन के बिना किसी की भी सिद्धि नहीं होती है।
विघ्न-बाधाओं के भय से साधन नहीं त्यागना चाहिए, अंधकार के बाद ही प्रकाश होता है।
भगवान पर दृढ़ विश्वास करके साधना करनी चाहिए।